विषय: इस्लामी इतिहास एवं साहित्य (अज़ादारी) विषय: ज़ियारत-ए-नाहिया का ऐतिहासिक एवं भावनात्मक महत्व
4. इमाम महदी का अह्द (वादा) ziyarat e nahiya in hindi
ज़ियारतनामे में, श्रद्धालु इमाम हुसैन (अस) को संबोधित करते हैं और उनके प्रति अपने प्रेम और श्रद्धांजलि व्यक्त करते हैं। यह प्रार्थना एक पवित्र और भावनात्मक अनुभव प्रदान करती है जो श्रद्धालुओं को अपने इमाम के साथ जुड़ने और उनके प्रेम को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। ziyarat e nahiya in hindi
The text of the Ziyarat al-Nahiya is found in some early Ziyarat collections such as al-Mazar al-Kabir, by Muhammad Ibn Ja'far al- Ziyarat Nahiya Duas.org ziyarat e nahiya in hindi
'सलाम हो उस पर जिसके हक़ को छीन लिया गया, जिसका ख़ून बेदर्दी से बहाया गया और जो अपनी ही आँखों के लहू में नहा गया...'
जब हम कर्बला के वाकये और इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हैं, तो 'ज़ियारत-ए-नाहिया' (Ziyarat-e-Nahiya) का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। यह ज़ियारत न केवल एक दुआ है, बल्कि यह कर्बला के मंज़र का वह आईना है जिसे खुद इमाम-ए-ज़माना (अतफ) ने बयान किया है।